Fake Mother - Real Mother/नकली माँ - असली माँ

Fake mother – real mother/नकली माँ – असली माँ

नकली माँ – असली माँ

दो पड़ोसन औरतें अच्छी सहेलियां थी परंतु दोनों ही सन्तानहीन  थी ।

भगवान की कृपा से एक महिला को कुछ समय पश्चात एक बेटा हुआ ।

पर दोनों ने तय किया कि वे मिलकर उसे पालेंगी ।

और न बच्चे को और न गांव वालों को बताएगी कि बच्चे की असली मां कौन है ।

मगर एक दिन एक पड़ोसन का मन बेईमान हो गया ।

वह बोली कि अब ना तुम बच्चे को खिला सकती हो ।

और ना ले सकती हो यह मेरा बच्चा है ।

इसका पालन पोषण अब मैं करूंगी ।

यह सुनकर बच्चे की असली मां घबरा गई और जबरन बच्चा उससे छीनने लगी ।

बच्चे को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया, दोनों के कहे अनुसार दोनों ही उसकी मां है ।

जब झगड़ा नहीं सुलझा तो मामला न्यायालय में पहुंच गया ।

न्यायाधीश ने ध्यानपूर्वक दोनों की बातों को सुना मगर वह भी निर्णय ना कर सके, कि बच्चे की असली मां कौन है ।

काफी सोचने के बाद आखिर न्यायधीश को एक उपाय सूझा ।

उसने आदेश दिया कि बच्चे के दो टुकड़े करने के बाद दोनों को एक-एक टुकड़ा दे दिया जाए ।

यह सुनते ही एक महिला जोर जोर से रोने लगी और बोली नहीं हुजूर, यह बच्चा आप इसी को दे दो । मगर मेरे लाल का अहित ना करो, मैं बच्चे पर अपना दावा छोड़ती हूं ।

यही इसकी असली मां है, दूसरी महिला अपनी जीत पर गर्व से खड़ी थी ।

यह देखकर चतुर न्यायाधीश तुरंत जान गया कि बच्चे की असली मां कौन है ।

उसने बच्चा उस महिला को सौंप दिया और दूसरी मक्कार महिला को कारागार में डाल दिया ।

इस कहानी से शिक्षा :

हमें इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि आप जानते हैं कि मां हमारी भगवान होती है ।

 मां बच्चे का अहित कभी भी नहीं सोचती, तो हमें भी अपनी मां की हर बात माननी चाहिए ।

और उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए ।

आपको यह कहानी कैसी लगी कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं ।

Read In English

Fake Mother – Real Mother

The two neighboring women were good friends but both were childless.

By the grace of God, a woman had a son after some time.

But both of them decided that they would raise him together.

And neither the child nor the villagers will tell who the real mother of the child is.

But one day a neighbor’s mind became dishonest.

She said that now you can feed the baby.

And you can not take, He is my child.

I will take care of it now.

Hearing this, the real mother of the child got nervous and forcibly snatched the child from her.

Both of them had a quarrel over the child, according to both, they are his mother.

When the quarrel was not resolved, the matter reached the court.

The judge listened to both of them carefully but he too could not decide who the real mother of the child is.

After much thought, the judge finally came up with a solution.

He ordered that the child be given one piece each after cutting the child into two pieces.

On hearing this, a woman started crying loudly and did not say, please give this child to you. But do not harm my son, I leave my claim on the child.

This is her real mother, the other woman stood proud of her victory.

Seeing this, the shrewd judge immediately knew who the real mother of the child was.

He handed the baby to the woman and put the other Makkar woman in prison.

Learnings From This Story

We learn from this story that you know that the mother is our God.

The mother never thinks of the harm of the child, so we should also obey our mother.

And obey their command.

How did you like this story, tell it in the comment section.

कहानी सुनने के लिए ऑडियो को प्ले करिये

Fake Mother – Real Mother/नकली माँ – असली माँ

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