गधे को नमस्कार

गधे को नमस्कार / Gadhe Ko Namaskaar

किसी गाँव में एक मूर्तिकार रहता था।

उसकी बनाई मूर्तियां बहुत सुन्दर होती थीं।

एक बार उसने देवी की बहुत ही सुन्दर मूर्ति बनाई।

वह मूर्ति उसे दूसरे गाँव पहुचानी थी. इसलिए उसने अपने मित्र धोबी से उसका गधा माँगा और मूर्ति लेकर उस पर रखकर चल पड़ा।

मूर्ति इतनी सुन्दर और सजीव थी कि जो भी उसे देखता , श्रद्धा से उसे नमन जरूर करता। रास्ते भर यही सब होता रहा।

यह देखकर मूर्ख गधे ने सोचा कि सब उसे ही नमस्कार कर रहे हैं।

जैसे ही उसने यह बात सोची वह रास्ते में घमण्ड से खड़ा होकर जोर-जोर से रेंकने लगा।

मूर्तिकार ने गधे को पुचकार कर समझाया कि यह लोग तुम्हें नहीं मूर्ती को नमस्कार कर रहे हैं।

मगर गधा तो गधा था। अगर सीधी बात बिना पीटे उसे समझ आ जाती तो उसे गधा कौन कहता।

वह रेंकता ही रहा।

अंत में मूर्तिकार ने उसकी जमकर पिटाई की।

मार खाने के बाद गधे का सारा घमण्ड उतर गया। और अब उसे पता चल गया कि मैं गधा हूँ।

उसके होश ठिकाने आने पर वह फिर से रास्ते पर चल पड़ा।

इस कहानी से शिक्षा

बच्चों इस कहानी से हमें यह शिच्छा मिलती है कि हमें कभी किसी गलतफहमी में नहीं पड़ना चाहिए।

और अपना काम मेहनत से करना चाहिए।

Read In English

There used to be a donkey in a village.

His sculptures were very beautiful.

Once he made a very beautiful idol of Goddess.

The idol had to reach him in another village. So he asked his friend Dhobi for his donkey And took the idol and kept it on.

The idol was so beautiful and lively that whoever saw it, would surely bow to him with reverence. This was happening all along the way.

Seeing this, the foolish donkey thought that everyone was greeting him.

As soon as he thought this thing, he stood proudly on the way and started heehaw.

The sculptor called the donkey and explained that these people are not greeting you, but the idol.

But the donkey was a donkey. If he understood the simple thing without getting beaten up, then who would call him a donkey.

He continued to rank.

In the end, the sculptor beat him fiercely.

After being beaten, all the pride of the donkey descended. And now he comes to know that I am a donkey.

When he came to his senses, he started again on the way.

This Story’s Wish

Children, this story gives us the thought that we should never fall into any misunderstanding.

And you should work hard.

कहानी को सुनने के लिए ऑडियो को प्ले करिए

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