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शेख चिल्ली के किस्से / Shekh Chilli Ke Kisse

शेख चिल्ली के किस्से / Shekh Chilli Ke Kisse

शेख चिल्ली के अनेक किस्से है। उनका नाम शेख चिल्ली कैसे पड़ा, इसपर भी कई किस्से हैं! उनके नाम के साथ ‘चिल्ली’ उनके द्वारा 40 दिन तक लगातार प्रार्थना, जिसे ‘चिल्ला’ कहते हैं, करने के कारण पड़ा, यह भी कहा जाता है। एक और मजेदार किस्सा इस प्रकार है:

बचपन में मियां शेख को मौलवी साहब नें शिक्षा दी कि लड़के और लड़की के संबोधन और वार्तालाप के लिए अलग-अलग शब्दों का प्रावधान होता है। उदाहरण के तौर पर “सुलतान खाना खा रहा है” लेकिन “सुलताना खाना खा रही है।”

शेख मियां ने मौलवी साहब की यह सीख गाठ बांध ली।

एक दिन मियां शेख जंगल से गुज़र रहे थे। तभी उन्हे किसी कुएं के अंदर से किसी के चिल्लाने की आवाज़ आई। वह फौरन वहाँ जा पहुंचे। उन्होने देखा की वहाँ कुएँ में एक लड़की गिरी पड़ी थी और वह मदद के लिए चिल्ला रही थी।

अब उन्हें इस लड्की को बाहर निकालने के लिए अपने मित्रों की सहता की आवश्यकता थी। अब उन्हें कैसे बताएं? सोचा तो मौलवी साहब वाला पाठ, “सुलताना खाना खा रही है” याद आ गया। लड़की अभी भी कुएँ के अंदर से मदद के लिए चिल्ला रही थी।

मियां शेख तुरंत दौड़ कर अपने दोस्तों के पास गए। बोले, ‘जल्दी चलो। लड़की कुएँ में गिरी हुई है, उसे मदद चाहिए। वो ‘चिल्ली’ रही है।’

“क्या?” मित्रों ने एक साथ पूछा?

“अरे, जल्दी चलो लड़की जोर-जोर से ‘चिल्ली’ रही है।

दोस्तों को पूरी बात समझ नहीं आई पर वे मदद करने को साथ चल दिए। मियां शेख और उनके दोस्तों नें मिलकर उस लड़की को कुएं से बाहर निकाल लिया और वह सुरक्षित अपने घर को चल दी।

मियां शेख और उसके दोस्तों ने भी घर की रह पकड़ी। रास्ते में मियां शेख के एक दोस्त ने सवाल किया, “मियां शेख, आप लड़की ‘चिल्ली’ रही है, क्यों बोले जा रहे थे?

तब मियां शेख के एक पुराने दोस्त ने खुलासा किया कि मौलवी साहब नें मियां शेख को पढ़ाया था कि लड़का होगा तो, ‘खाना खा रहा है’, और लड़की हुई तो ‘खाना खा रही है।’ इसी हिसाब से मियां शेख नें लड़की के चिल्लाने पर “चिल्ली रही” शब्द का प्रयोग किया।

मियां शेख के सारे दोस्त इस बात पर पेट पकड़कर हँसते-हँसते दोहरे हो गए। तभी से मियां शेख बन गए “शेख चिल्ली”।

Read In English

There are many stories of Sheikh Chilli. There are many stories on how he got the name Sheikh Chilli!.

The ‘Chilli’ with his name was also called by him for 40 days of continuous prayer, which is called ‘Chilla’.

Another funny anecdote is as follows:

In childhood, Maulvi Saheb taught Mian Sheikh that there is a provision of different words for the boy and girl’s address and conversation.

For example, “Sultan is eating” but “Sultana is eating”.

Sheikh Mian tied this learning knot of Maulvi Sahab.

One day Mian Sheikh was passing through the forest. Then he heard the sound of someone shouting from inside a well. He immediately went there.

He saw that a girl had fallen in the well and she was screaming for help.

Now he needed the support of his friends to get this girl out. How to tell them now? I thought the text of Maulvi Saheb, “Sultana is eating food” was remembered.

The girl was still screaming for help from inside the well.

Mian Sheikh immediately ran to his friends. Said, ‘Come quickly. The girl falls into the well, she needs help. She has been ‘Chilli’. ‘

“What?” Friends asked together.

“Hey, hurry up, the girl is loudly chilly.

Friends did not understand the whole thing but they went along to help.

Mian Shaikh and his friends together took the girl out of the well and she went safely to her house.

Mian Sheikh and his friends also caught hold of the house.

On the way, a friend of Mian Sheikh questioned, “Mian Sheikh, you have been the girl ‘Chilli’, why were you being spoken?

Then an old friend of Mian Shaikh revealed that Maulvi Saheb had taught Mian Sheikh that if the boy is there, ‘he is eating’, and the girl is ‘eating food’. Used the word “Chilli Rahi” when shouting.

All the friends of Mian Sheikh, holding their stomach on this matter, doubled up laughing. Since then Mian Sheikh became “Sheikh Chilli”.

कहानी सुनने के लिए ऑडियो को प्ले करिये

शेख़ चिल्ली की कहानी

2 thoughts on “शेख चिल्ली के किस्से / Shekh Chilli Ke Kisse”

  1. कहानी अच्छी है…,… आपका कहानी कहने का तरीका बहुत ही अच्छा है… “चिल्ली” सरनेम कैसे लगा ?”…,….बताने के लिए शुक्रिया😊😊

    हमारे यहां “चिल्लाने” के लिए “बिल्लाना” शब्द भी यूज किया जाता है
    यदि शेख चिल्ली हमारे गांव में रहे होते तो बोलते कि ” महिला बिल्ली रही हैं” 🤣🤣🤣

    1. Its a great feeling you liked my voice, thanks a lot for appreciation Sir.
      Keep visiting my website.
      aap apne gaon ki kahaniya bataiye, mai koshish karungi unko record karne ki 🙂

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